Saturday, July 18, 2020

*केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री चौबे ने बिहार के हालात पर स्वास्थ्य सचिव एवं ओएसडी से की बातचीत*

Published by:-Nitish Kumar

Covid-19 News, BNN:-  केंद्री स्वस्थ्य राज्य  श्री अश्विनी कुमार चौबे ने बिहार में कोविड-19 की मौजूदा स्थिति को लेकर स्वास्थ्य सचिव, विशेष कार्य अधिकारी एवं संयुक्त सचिव के साथ अलग-अलग बैठक की। बैठक के उपरांत संयुक्त सचिव के नेतृत्व में टीम भेजने का निर्णय लिया गया है। ताकि वे स्टेट अथॉरिटी के साथ मिलकर कोविड 19 की मौजूदा स्थिति को लेकर व्यापक कदम उठाया जा सके।
बैठक में स्वास्थ्य सचिव प्रीति सुदान, विशेष कार्य अधिकारी राजेश भूषण एवं संयुक्त सचिव लव अग्रवाल उपस्थित रहे।

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे ने बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर कोविड-19 के रोकथाम के लिए सभी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं स्वास्थ्य मंत्रालय की पैनी नजर बिहार के स्थिति पर है। यहां के आला अधिकारी लगातार संपर्क में रहते हैं। मौजूदा स्थिति  को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा एक टीम बिहार पहुंच चुकी है।दूसरी उच्च स्तरीय टीम का गठन कर दिया गया है। जो रविवार को पहुँचेगी। यह टीम रविवार की सुबह संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के नेतृत्व में पहुंचेगी। इस टीम में नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के डायरेक्टर डॉक्टर एस के सिंह, एम्स मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर नीरज निश्चल शामिल है। बैठक में बिंदुवार टेस्टिंग कंटेंटमेंट जोन एवं हॉट स्पॉट जिलों पर चर्चा की गई। बिहार में टेस्टिंग को बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा हर संभव मदद उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। मौजूदा स्थिति से भी अधिकारी अवगत हुए।

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री चौबे ने कहा कि केंद्र द्वारा हर संभव मदद बिहार को उपलब्ध कराया जा रहा है। बिहार सरकार काफी गंभीर है और महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। बिहार वासियों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। मौजूदा समय में डरे नहीं है बल्कि धैर्य संयम और केंद्र एवं राज्य सरकार का जो दिशानिर्देश है उसका पालन करें। कोरोनावायरस के विरुद्ध जंग में सावधानी एवं सतर्कता महत्वपूर्ण हथियार है। हर हाल में सावधानी बरतें प्रशासन का सहयोग करें जागरूक रहें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

Yoga/Meditation/Health Care:- विपश्यना मेडिटेशन सेहत सुधारे व्यक्तित्व निखारे।

BNN:- विपश्यना मन को शांत और निर्मल करने की वैज्ञानिक विधि है। दूसरे शब्दों में इसे मन का व्यायाम भी कहा जा सकता है।  जिस तरह शारीरिक व्यायाम से शरीर को स्वस्थ और मजबूत बनाने की कोशिश की जाती है, वैसे ही विपश्यना से मन को स्वस्थ बनाया जाता है। इसके निरंतर अभ्यास से मन हर स्थिति में संतुलित रहता है, जिससे हम हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहते हैं।  
यह भारत की सबसे प्राचीन मेडिटेशन तकनीक है, जिसे लगभग 2600 साल पहले महात्मा बुद्ध ने फिर से खोजा था। विपश्यना को महात्मा बुद्ध की शिक्षाओं का व्यावहारिक सार भी कहा जाता है, जो धम्म यानी प्रकृति के नियमों को सिखाता है। विपश्यना पाली भाषा के शब्द ‘पस्सना’ से बना है, जिसका मतलब होता है देखना। ‘विपस्सना’ (विपश्यना) का अर्थ है, जो चीज जैसी है, उसे उसके सही रूप में देखना।
जब भी मन में कोई विकार या कहें विचार जागता है तो शरीर पर दो घटनाएं शुरू हो जाती हैं। एक, सांस अपनी नैसर्गिक गति खो देता है। मतलब कि सांस तेज एवं अनियमित हो जाती है। इसके साथ ही शरीर में सूक्ष्म स्तर पर जीव रासायनिक प्रक्रिया शुरू हो जाती है, जिसके परिणामस्वरूप संवेदनाओं का निर्माण होता है। हर विकार शरीर पर किसी न किसी संवेदना का निर्माण करता है। सामान्य व्यक्ति इन विकारों को नहीं देख सकता, लेकिन विपश्यना के प्रशिक्षण एवं प्रयास से सांस एवं शरीर पर होने वाली संवेदनाओं को देख सकता है। 

निखर आएगी चेहरे की रंगत
लंबे समय तक इसका अभ्यास शरीर में रक्त संचार को बढ़ाता है, जिसका सीधा असर चेहरे पर नजर आने लगता है। रक्त संचार बढ़ने और तनावमुक्त होने से चेहरे की रंगत और निखर आती है। 

आत्मविश्वास बढ़ेगा
विपश्यना का अभ्यास मन को हर पल शांत और प्रसन्न रखता है। इससे धैर्य और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है और बेवजह का उतावलापन कम होता है। 

बच्चों की एकाग्रता बढ़ाएं 
बच्चे स्वभाव से बेहद चंचल होते हैं। उनके लिए अपने मन को शांत रख पढ़ाई करना बेहद मुश्किल होता है। ऐसे बच्चों को अपने मन को एकाग्र करने के लिए विपश्यना का अभ्यास करना चाहिए। विपश्यना आठ से बारह साल के बच्चे कर सकते हैं। इन बच्चों के लिए यह कोर्स एक से दो या तीन दिन का होता है। 

विपश्यना की मुद्रा
विपश्यना के लिए घर के सबसे शांत कोने का इस्तेमाल करें। कमरे की लाइट बंद करके आसन पर पालथी मार कर बैठ जाएं। बैठने के दौरान हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि आपकी कमर और गर्दन सीधी और आंखें बंद हों। इसके बाद नाक से आने और जाने वाली सांस पर ध्यान केंद्रित करें। कुछ दिनों तक इसी का अभ्यास करते रहें। इसके बाद सांसों पर ध्यान केंद्रित रखते हुए शरीर में होने वाली संवेदनाओं की अनुभूति करें, यही विपश्यना है। शुरू में इसे कुछ समय तक सुबह-शाम करें, बाद में सुविधा के मुताबिक समय बढ़ा भी सकते हैं।

विपश्यना मेडिटेशन कोर्स 
आज दुनिया भर में लगभग 170 विपश्यना सेंटर और 130 नॉन-सेंटर हैं। इन सेंटरों पर विपश्यना के 10, 20, 30, 45 और 60 दिनों के कोर्स करवाए जाते हैं। ये कोर्स नि:शुल्क होते हैं। 

10 दिवसीय विपश्यना शिविर
विपश्यना केंद्रों द्वारा 10 दिवसीय आवासीय कोर्स करवाया जाता है। यह बेसिक और सबसे कम समय का कोर्स है। इन 10 दिनों में स्टूडेंट को गंभीरता से काम करना होता है। 10 दिनों के इस कोर्स में शामिल हैं-आर्य मौन : शिविर की शुरुआत से ही सभी को आर्य मौन अर्थात वाणी एवं शरीर से मौन रहना होता है। इसका पालन पहले से 10वें दिन की सुबह 10 बजे तक करना होता है।
पहला दिन : पहले दिन स्टूडेंट को पांचशील पालन करने का व्रत लेना होता है। इसमें जीव-हिंसा, चोरी, झूठ बोलना, नशा नहीं करना तथा ब्रह्मचर्य शामिल है। शील इस साधना की नींव है। शील के आधार पर ही समाधि और मन की एकाग्रता का अभ्यास किया जाता है एवं प्रज्ञा के अभ्यास से विकारों का निर्मूलन होता है, जिसके परिणामस्वरूप मन (चित्त) शुद्ध होता है। इन शीलों का पालन करने से मन शांत रहना सीख जाता है, जिससे आगे की विधि आसान हो 
जाती है। 
आनापान मेडिटेशन : यह एक मानसिक व्यायाम है, जो मस्तिष्क को स्वस्थ और मजबूत रखता है। पहले दिन से ही नासिका से आते-जाते हुए अपनी नैसर्गिक सांस पर ध्यान केंद्रित कर आनापान का अभ्यास सिखाया जाता है। इसे लगातर तीन दिनों तक करना होता है। 
चौथे दिन : आनापान के लगातार अभ्यास से चौथे दिन से मन कुछ शांत, एकाग्र और विपश्यना के अभ्यास के लायक हो जाता है। विपश्यना द्वारा शरीर (काया) के भीतर संवेदनाओं के प्रति सजग रहना, उनके सही स्वभाव को समझना एवं उनके प्रति समता रखना सिखाया जाता है। चौथे दिन से नौवें दिन तक यह अभ्यास सुबह-शाम करना होता है। 
दसवें दिन : इस दिन मंगल-मैत्री का अभ्यास सिखाने के साथ शिविर के दौरान अर्जित पुण्य को सभी प्राणियों में बांटा जाता है। इसकी सफलता जगजाहिर है।

SBI ALERT:- एसबीआई के नाम से बनी फर्जी वेबसाइट, अकाउंट इन्फॉर्मेशन अपडेट करते ही खाता खाली हो जाता है।

Published By: Nitish Kumar

भारतीय स्टेट बैंक के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर ग्राहकों को ठगा जा रहा है। कोरोना काल में पहले से परेशान लोगों के लिए यह नई मुसीबत है। स्टेट बैंक ने अलर्ट जारी किया है कि अगर ग्राहक के पास बैंक से संबंधित कोई एसएमएस आए तो इसके साथ भेजे गए लिंक का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। अन्यथा आपका बैंक खाता खाली हो सकता है। 

लॉकडाउन के दौरान साइबर गैंग ज्यादा ही सक्रिय हो गया है। इस गैंग ने एसबीआई की फर्जी वेबसाइट online sbi digital' तैयार कर ग्राहकों को मैसेज भेजना शुरू कर दिया है, जिसमें पासवर्ड या अकाउंट इन्फॉर्मेशन अपडेट करने की बात कही जाती है। ग्राहकों को लगता है कि उन्होंने सही पेज खोला है और अपने नेट बैंकिंग की आईडी और पासवर्ड से लॉग-इन करने लगते हैं। इसी का फायदा उठाकर जालसाज लोगों के खाते से पैसे उड़ा देते हैं। इस वेबसाइट से कानपुर जोन के 250 ग्राहक ठगी का शिकार हो चुके हैं। 

इसके शिकार ग्राहकों की बढ़ती संख्या देखते हुए एसबीआई ने ट्वीट कर चेतावनी दी है ऑनलाइन एसबीआई.डिजिटल एक नकली वेबसाइट है। इसे एक बड़े क्षेत्र में ब्लॉक कर दिया गया है लेकिन शातिर साइबर अपराधी अब भी सक्रिय हैं। नेशनल कन्फेडरेशन आफ बैंक इम्पलाइज के उपाध्यक्ष राजेन्द्र अवस्थी ने बताया कि धोखेबाजों द्वारा भेजे गए संदेश बिल्कुल एसबीआई नेट बैंकिंग पेज जैसे दिखते हैं। असली ऐप के समान होने के साथ, उपयोगकर्ता इन फर्जी ऐप के चक्रव्यूह में फंस जाते हैं। अगर आपको ऐसा कोई एसएमएस मिलता है तो इसे हटा दें। लिंक पर क्लिक न करें और अपनी गोपनीय सूचनाओं को कतई साझा न करें। एसबीआई ने ग्राहकों से कहा है कि यदि वे इस तरह के किसी भी मामले में फंसते हैं, तो तुरंत ई-मेल के जरिए epg.cms@sbi.co.in पर बैंक को सूचित करें। phishing@sbi.co.in पर भी बैंक को जानकारी दी जा सकती है।


बॉलीवुड माफियाओ का शिकार हुआ बिहार का सुशांत : रवि तिवारी।

BNN:-  जब भी कोई बाहरी कलाकार फ़िल्म इंडस्ट्रीज में अपना नाम बनाने लगता है, स्थापित होने लगता है तो उसे तरह तरह के मानसिक दबाब से गुजरना पड़ता है। बॉलीवुड माफिया हमेशा से सिर्फ अपना दबदबा चाहते है, चाहे दिव्या भारती की मौत हो या परवीन बॉबी की या फिर ज़िया खान और ना जाने कितने ही गुमनाम कलाकार जिनकी कहानिया दुनिया के सामने आ भी नही सकी, हमेशा से आज तक यह अनसुलझी पहेली बनी हुई है। इसी कड़ी में अगला नाम एक छोटे शहर से मशहूर हो रहे कलाकार सुशान्त सिंह का जुड़ गया।जिसने अपनी विलक्ष्ण प्रतिभा के बल पर बहुत कम समय मे बहुत ख्याति पाई।

 रवि तिवारी ने बक्सर न्यूज नेटवर्क से बात करते हुए बताया की,
मैंने अपने मित्र राकेश सिसोदिया के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय को 28 पन्नो का एक आवेदन सबूतों के साथ सौंपा ,जिसमे हमने सीबीआई जांच कराने की मांग की है। हम और हमारी टीम लगातार 23 दिन से ट्विटर में ट्रेंड करा रहे है और अब इस मुहिम में हमारे साथ लाखो युवा और इंसाफ पसंद लोग देश विदेश से जुड़ चुके है। हम सब सिर्फ सीबीआई की जाँच चाहते है।
सुशान्त पर दबाब ऐसा बनाया गया कि उसे लगातार फिल्मों से हटाया गया , जब बिहार का एक लड़का बॉलीवुड में स्थापित होने लगा और हिट फिल्में देने लगा तो फ़िल्म इंडस्ट्रीज के गैंग को बर्दाश्त नही हुआ और एक साजिश के तहत हत्या कर दी गई है।ये हत्या सिर्फ सुशांत की नही है बल्कि लाखों युवाओं के सपनों और विस्वास की हत्या है। अब कोई भी नया कलाकार इतने बड़े सपने देखने की हिम्मत नही करेगा,और बिना कुछ किये ही न जाने कितने प्रतिभाओ की असामयिक मौत हो जाएगी।

हम अब अपने आंदोलन को काफी तेज करेंगे, अभी तक ट्विटर के माध्यम से लगातार रोजाना हम अपनी टीम के साथ आवाज़ बुलन्द कर रहे थे अब इसकी अगली कड़ी में देश के हर शहर में सड़क पर आंदोलन शुरू करेंगे। जब तक सीबीआई की जाँच का आदेश नही मिल जाता तब तक बॉलीवुड माफियाओं के खिलाफ और सुशान्त के इंसाफ़ के लिए यह आंदोलन जारी रहेगा।  युवाओ के भरोसे के लिए उनके सपनों के लिए यह सीबीआई जांच ज़रुरी है।

Monday, March 25, 2019

विचार

खुदसे जीतने की ज़िद है.।मुझे खुद को ही हराना है .मैं भीड़ नहीं हु दुनिया की मेरे अंदर एक ज़माना है.

*केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री चौबे ने बिहार के हालात पर स्वास्थ्य सचिव एवं ओएसडी से की बातचीत*

Published by:-Nitish Kumar Covid-19 News, BNN:-  केंद्री स्वस्थ्य राज्य  श्री अश्विनी कुमार चौबे ने बिहार में कोविड-19 की मौजूदा स्थिति...